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हाईवे से सभी टोल प्लाजा हटाए जाने के पीछे क्या है सरकार का मास्टर प्लान

भारत के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरूवार को संसद के भीतर एक ऐलान किया, जिसके बाद सभी वाहनों चालकों के मन में यह संदेह उत्पन्न हो गया कि आखिर वो इस फैसले के बाद क्या करेंगे?

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दरअसल संसद में एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वो एक साल के भीतर हाईवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा को हटा देंगे। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि केवल वही टोल प्लाजा हटाए जाएंगे जो फिजिकल रूप से कार्यरत है।

मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में सभी काम बिना किसी टोल कर्मचारियों के अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि टोल प्लाजा हटाने के बाद वहां जीपीएस ट्रैकर लगाया जाएगा, जिसकी सहायता से टोल टैक्स लिए जाएंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर भी कुछ चीजें साफ की जैसे कि 15 वर्ष के बाद वाणिज्यिक वाहनों को पंजीकरण से हटाया जाएगा। इसके अलावा सभी सरकारी वाहनों का पंजीकरण बंद हो जाएगा जो 15 साल पुरानी हैं और उन्हें स्क्रैप किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में 51 लाख ऐसे वाहन है जो 20 साल पुराने हैं, जबकि ऐसे वाहनों की संख्या 34 लाख है जो बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के हैं। इसके अलावा 17 लाख वाहन ऐसे हैं जो 15 साल से ज्यादा के हैं। ऐसे वाहन समान्य वाहनों की तुलना में 10 से 12 गुणा अधिक प्रदूषण फैलाते हैं, इसलिए इन वाहनों को स्क्रैप करना जरूरी है।

स्क्रैपेज पॉलिसी को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सरकार स्वैच्छिक वाहन बेड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसके तहत नया वाहन खरीदने पर खरीददार को सरकार की तरफ से सहायता दी जाएगी। फास्टैग को लेकर उन्होंने कहा कि 93% वाहन चालक फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 7% वाहन अभी भी बिना फास्टैग वाले वाहन है, जिसकी जांच के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।

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