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सही दिशा में बढ़ रहा है फास्टैग, कैशलेस टोल संग्रह 50 प्रतिशत तक पहुंचा

15 दिसंबर से देश भर के टोल प्लाजा पर लागू फास्टैग तेज गति से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। हालांकि शुरुआत में कुछ टोल प्लाजा पर तकनीकि खराबी जरुर सामने आई है, लेकिन सरकार जिस कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फास्टैग लेकर आई थी, वो पूरी होती नजर आ रही है।

पूरे देश में फास्टैग से टोल संग्रह 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण के लिए एक सुखद खबर है। केवल दिल्ली की बात करें तो यह आंकड़ा 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जुलाई में सरकार द्वारा कहा गया था कि 1 दिसंबर से फास्टैग लागू किया जाएगा। जिसे बाद में 15 दिसंबर कर दिया गया था। इस दौरान प्रत्येक टोल प्लाजा पर एक लेन को कैशलेस रखने की बात कही गई थी, लेकिन तकनीकि खामियों के कारण बाद में इसे हर टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत तक कर दिया गया था।

राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण की मानें तो अब तक 11 मिलियन फास्टैग जारी किए जा चुके हैं, और अभी भी बहुत से वाहन बिना फास्टैग के हैं। सरकार को उम्मीद है कि जनवरी 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह का आंकड़ा 75-80 प्रतिशत पहुंच जाएगा।

जनवरी 2020 से एक बार फिर टोल प्लाजा पर केवल एक लेन कैशलेस रखा जाएगा। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के अनुसार कहा गया था कि टोल प्लाजा पर फास्टैग उपभोक्ता के लिए लेन आरक्षित रखे जाएंगे और इस लेन पर बिना फास्टैग वाले से दोगूणा शुल्क वसूला जाएगा।

सही दिशा में बढ़ रहा है फास्टैग, कैशलेस टोल संग्रह 50 प्रतिशत तक पहुंचा

15 दिसंबर से देश भर के टोल प्लाजा पर लागू फास्टैग तेज गति से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। हालांकि शुरुआत में कुछ टोल प्लाजा पर तकनीकि खराबी जरुर सामने आई है, लेकिन सरकार जिस कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फास्टैग लेकर आई थी, वो पूरी होती नजर आ रही है।

पूरे देश में फास्टैग से टोल संग्रह 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण के लिए एक सुखद खबर है। केवल दिल्ली की बात करें तो यह आंकड़ा 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जुलाई में सरकार द्वारा कहा गया था कि 1 दिसंबर से फास्टैग लागू किया जाएगा। जिसे बाद में 15 दिसंबर कर दिया गया था। इस दौरान प्रत्येक टोल प्लाजा पर एक लेन को कैशलेस रखने की बात कही गई थी, लेकिन तकनीकि खामियों के कारण बाद में इसे हर टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत तक कर दिया गया था।

राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण की मानें तो अब तक 11 मिलियन फास्टैग जारी किए जा चुके हैं, और अभी भी बहुत से वाहन बिना फास्टैग के हैं। सरकार को उम्मीद है कि जनवरी 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह का आंकड़ा 75-80 प्रतिशत पहुंच जाएगा।

जनवरी 2020 से एक बार फिर टोल प्लाजा पर केवल एक लेन कैशलेस रखा जाएगा। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के अनुसार कहा गया था कि टोल प्लाजा पर फास्टैग उपभोक्ता के लिए लेन आरक्षित रखे जाएंगे और इस लेन पर बिना फास्टैग वाले से दोगूणा शुल्क वसूला जाएगा।

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