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फास्टैग अनिवार्यता को लेकर सरकार का बड़ा कदम, दिसंबर 2017 से पहले सभी वाहनों के बिना फास्टैग चलने पर रोक

फास्टैग को लेकर सरकार एक के बाद एक कड़े कदम लगातार उठा रही है, जिससे लोगों में इसकी उपलब्धता को लेकर जागरूकता बढ़े। इसी क्रम में सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए ये निर्देश जारी किया है कि दिसंबर 2017 से पहले खरीदी गई किसी भी तरह की फोर व्हीलर वाहन के लिए जनवरी 2021 से फास्टैग पूर्ण रूप से अनिवार्य होगा।

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इससे पहले सरकार ने पहले ही नेशलन परमिट वाले व्हीकल के लिए अक्टूवर 2019 से फास्टैग को अनिवार्य कर दिया था। ये प्रस्ताव सेंट्रल मोटर व्‍हीकल्‍स नियम(सीएमवीआर) 1989 में संशोधन के आधार पर जारी किया गया है।

इसके अलावा अब थर्ड पार्टी बीमा के लिए, फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए और रजिस्ट्रेशन के लिए भी फास्टैग का होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने फास्टैग की अनिवार्यता को लेकर ये ठोस कदम यूं ही नहीं उठाए बल्कि आए दिन इसको लेकर लापरवाही सामने आ रही थी।

तेलंगाना में अभी 35% लोग जिसकी संख्या लगभग 9 लाख है, टोल प्लाजा पर कैश भुगतान कर रहे हैं। ये तब है जबकि सरकार ने हाल ही में बिना फास्टैग के सभी प्रकार के छूट को खत्म कर दिया है। इसलिए सरकार को अब कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं।

आपको बता दें कि फास्टैग टोल वसूल करने की एक डिजिटल तकनीक है, जिसमें बिना किसी कांटैक्ट के सीधे आपके अकाउंट से टैक्स का भुगतान किया जाता है।

रेडियो फ्रिक्वेंसी पर काम करने वाली ये तकनीक वर्तमान दौर में सुरक्षित और आसान है। वाहन के विंडस्क्रीन पर लगने वाला ये फास्टैग तब तक वैध होता है, जब तक की ये स्कैनर के माध्यम से रीड करने लायक होता है।

सरकार वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए भी इस कांटैक्ट लैस तरीके पर ज्यादा जोर दे रही है। उम्मीद है कि सरकार के इस प्रस्ताव के बाद लोग बढ़-चढ़ कर इसे अपनाएंगे।

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