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वाहन चालकों को मिली राहत, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की समयसीमा बढ़ी

सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से पहले ही कहा जा चुका है कि एक अप्रैल 2019 से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी आदेश दिए जा चुके हैं कि 2012 से पुरानी जितनी भी गाड़ियां है उस पर हाई सिक्योरिटी नंबर होना जरूरी है।

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लेकिन अब इसके लिए सरकार ने समयसीमा बढ़ा दी है। पहले ये समयसीमा 30 सितंबर तक थी, लेकिन इसको लगवाने को लेकर कुछ निजी कंपनियों की गड़बड़ी को लेकर अब इसे बढ़ा कर 31 दिसंबर तक कर दिया है। इस आदेश का फायदा उन सभी वाहन चालकों को मिलेगा, जो अभी तक अपने वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर नहीं लगवा पाए थे।

क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और क्या इसके क्या फायदे हैं?

हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट एल्युमिनियम से बनी होती है, जो टैम्पर प्रूफ होती हैं। इसके साथ ही इसमें क्रोमियम-आधारित होलोग्राम लगी होती है। इसके अलावा इसमें 10 अंको की एक यूनिक पहचान संख्या होती है, जो इंजन और चेसिस नंबर की जानकारी देती है।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को बदलना आसान नहीं होता है। इसमें मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम-बेस्ड होलोग्राम स्टिकर निकालने की कोशिश करने पर खराब हो जाते हैं और इस तरह वाहन संबंधी अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।

इसके अलावा इस पर लगे स्टिकर में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ, रजिस्टर्ड अथॉरिटी, लेजर ब्रांडेड परमानेंट नंबर, इंजन और चेसिस नंबर तक की जानकारी होती है।

हाई सिक्योरिटी नंबर लगवाने के लिए आपको आरटीओ के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। अब घर बैठे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं और 4 दिनों के अंदर इस पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाता है।

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